चौकियां धाम, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के मां शीतला चौकियां धाम में बासंतिक नवरात्रि के चौथे—पांचवें दिन मां कुष्मांडा—स्कंदमाता स्वरूप में दर्शन—पूजन किया। हालांकि इस बार नवरात्रि 8 दिन की है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कुष्मांडा की पूजा और उपासना करने से भक्तों की सभी तरह के रोग, कष्ट और शोक समाप्त हो जाते हैं। नवरात्रि में मां के इस रूप की पूजा करने से पर भक्तों की आयु, यश, कीर्ति, बल और आरोग्यता में वृद्धि होती है। भगवती पुराण में देवी कुष्मांडा को अष्टभुजा से युक्त बताया है।
मां कुष्मांडा का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और दिव्य है। उनके आठ भुजाएं हैं जिनमें कमंडल, धनुष, बाण, कमल का फूल, अमृत कलश, चक्र, गदा और जप माला धारण किए हुए हैं। मां सिंह की सवारी करती हैं। उनका यह स्वरूप शक्ति, समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है। शीतला चौकियां धाम में प्रातःकाल 4 बजे मन्दिर के कपाट खुलने के पश्चात माता रानी का भव्य श्रृंगार कर मन्दिर पुजारी जयनारायण पंडा ने आरती-पूजन किया। मन्दिर खुलने के पूर्व ब्रम्ह मुहूर्त से ही माता रानी के दर्शन के लिये भक्तों की लम्बी कतार लगी रही। दुर्गा सप्तशती पाठ, वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन पूजन माता रानी के जयकारों एवं घण्टों की गूंज से सारा वातावरण मनमोहक भक्तिमय हो गया। कतार में खड़े दर्शनार्थी बारी-बारी से दर्शन-पूजन करते हुये नजर आये।
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वहीं पूर्वांचल के कोने-कोने से आये श्रद्धालु मुंडन संस्कार, कढ़ाही, पूजन आदि करके परिवार समेत मां के चरणों में मत्था टेकते हुये सुख, शान्ति, समृद्धि, धन, यश, वैभव की कामना किये। नवरात्रि के तीसरे दिन भक्तों की भारी भीड़ दर्शन—पूजन के लिये उमड़ी रही। धाम में दूर-दराज से आने वाले भक्तों का तांता लगा रहा। वहीं दर्शन-पूजन करने के पश्चात् दर्शनार्थी पवित्र कुण्ड के बगल में स्थित काल भैरव नाथ एवं मां काली मंदिर में दर्शन-पूजन करते हुए नजर आये। सुरक्षा की दृष्टि से मन्दिर परिसर में चौकियां चौकी प्रभारी ईश चन्द्र यादव अपने सहयोगी, पुलिस, पीएसी बल के साथ मौजूद रहे।