- पुलिस द्वारा बिना किसी भेदभाव की हुई कार्रवाई से मिली मानसिक संतुष्टि
- महिलाओं के आरोप से मानसिक रूप से हो गया हूं परेशान : मो. आसिम
टीम जौनपुर लाइव
जौनपुर। नगर के जेसीज चौराहे पर चार अप्रैल को दूल्हे की कार पंचर होने के बाद कार से हुई नकदी, आभूषण चोरी मामले में कार मालिक को सीसीटीवी कैमरे ने बचा लिया वरना जिस तरह से महिलाओं ने जो आरोप लगाया था उसे सही मानकर पुलिस अपनी कार्रवाई में जुट जाती और अपराधियों जैसा सलूक करती। बहरहाल वाहन स्वामी के पक्ष में वहां पर मौजूद लोगों ने भी अपना बयान दिया।
वाहन स्वामी मोहम्मद आसिम के मुताबिक उस दिन मोहम्मद इस्माईल की बारात अहिरौली गांव से उठकर मोबारकपुर जा रही थी। अभी गाड़ी जेसीज़ चौराहे पर पहुंची ही थी कि गाड़ी का अगला बायां चक्का पंचर हो गया। ड्राइवर ने जेसीज चौराहे को पार कर के यशोदा हॉस्पिटल के सामने गाड़ी लगा दी और उतर के देखा तो टायर पंचर हो चुका था। ड्राइवर अमजद ने गाड़ी मालिक मोहम्मद आसिम को फ़ोन किया तो मोहम्मद आसिम ने कहा कि आगे बढ़कर रिवरव्यू के सामने जेके टायर वाले के यहां पंचर बनवा लो। मगर ड्राइवर ने कहा कि गाड़ी ज़रा भी आगे नहीं बढ़ सकती है आप आइये यहां। 15—20 मिन के बाद गाड़ी मालिक मोहम्मद आसिम वहां पहुंचे तो देखा कि गाड़ी में बैठी हुई 3 औरतें उतरकर पास में एक कैंटीन पर बैठी पानी कोल्ड्रिंक पी रही थी और दूल्हा वहीं गाड़ी के पास खड़ा था। गाड़ी मालिक ने ड्राइवर अमजद को कहा कि बारात में देरी हो जाएगी तुम स्टेपनी लगाके जाओ, टायर बदलने के लिए अमजद ने गाड़ी की डिग्गी में से जैक निकाला और टायर बदलने लगा ठीक उसी के पीछे आसिम भी बैठकर टायर बदलता देख रहे थे। तभी ड्राइवर अमजद ने गाड़ी मालिक से कहा कि मैन हैंडब्रेक नहीं लगाई है आप हैंडब्रेक लगा दें और गाड़ी मालिक ने अगला बाया दरवाज़ा खोल के हैंडब्रेक लगा दिया और फिर से वहीं बैठ के टायर बदलता हुआ देखने लगा। इतने में कुछ अज्ञात लोग आए और दूल्हे के पास 30—40 रुपये फेंक कर कहा कि भाईसाहब आपका पैसा गिरा है उठा लीजिये। जैसे ही दूल्हे ने उस लावारिस पैसे को उठाने की लालच दिखाई वैसे ही उन अज्ञात चोरों में से एक ने गाड़ी में से बैग निकाल कर रोड पार करते ही दौड़ लगा दी। गाड़ी में बैठी महिलाएं जब कैंटीन में से पानी पी कर लौटी तो अपना पर्स ढूंढने लगी। पर्स न मिलने पर गाड़ी मालिक पर झूठा इल्ज़ाम लगाने लगी और कहने लगी कि मैंने अपनी आंखों से तुम्हें पर्स ले जाते हुए देखा है। गाड़ी मालिक अपनी बेगुनाही की सफाई देता रहा मगर उन औरतों ने एक न सुनी और अपने बाकी भाइयों को भी बुला लिया। मामला बिगड़ते देख कर गाड़ी मालिक ने खुद 100 नम्बर पर कॉल की और पुलिस को पूरी जानकारी दी। मौके पर पुलिस पहुंची तो सीसीटीवी कैमरे की फुटेज निकाली और गाड़ी मालिक को बेगुनाह पाया।
मोहम्मद आसिम ने बताया कि इस तरह की घटना से यह सिद्ध होता हैं कि महिलाओं का चिल्लाना हर जगह सही नहीं होता है। अगर वहां सीसीटीवी कैमरा नहीं होता तो आज बेगुनाह गाड़ी मालिक सलाख़ों के पीछे होता। इस तरह के बेबुनियाद इल्ज़ाम से गाड़ी मालिक जो कि समाज का एक सम्मानित व्यक्ति है और जो कि गरीबों और बेसहाराओं की मदद के लिए स्वयं इमदाद फाउंडेशन नामी एक सामाजिक संस्था भी चलाता है उसके सम्मान को ठेस पहुंचाई गई है। इस तरह से अपमान होने पर गाड़ी मालिक की तबियत भी खराब हो चुकी है। जनता के कहने के मुताबिक ये एक षड्यंत्र भी हो सकता है गाड़ी मालिक के सम्मान को ठेस पहुंचाने के लिए। फिर भी पुलिस और वहां पर खड़ी जनता की अपील पर गाड़ी मालिक ने इंसानियत दिखाते हुए फिर अपनी ही गाड़ी बारात में भेजी। मगर गाड़ी मालिक की तबियत खराब हो चुकी थी और आज जा के गाड़ी मालिक की सेहत में कुछ सुधार हुआ है।
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