लखनऊ। लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी में सम्मान न मिलने पर कई दिग्गज नेता पाला बदलकर दूसरे के खेमें में चले जा रही है तो वहीं दूसरी पार्टी उनका सम्मान करते हुए उन्हें अपना बनाने के साथ ही उन्हें मैदान में उतारने से भी गुरेज नहीं कर रही है। जी हां हम आजमगढ़ के दिग्गज नेता रमाकांत यादव की बात कर रहे है। 12 अप्रैल को कांग्रेस में शामिल हुए रमाकांत यादव को पार्टी ने सहर्ष स्वीकार करते हुए 13 अप्रैल को जारी सूची में भदोही से कांग्रेस प्रत्याशी बनाया है।
गौरतलब है कि 1996 में समाजवादी पार्टी से रमाकांत यादव का सफर शुरू हुआ। 1999 में फिर वह एसपी के टिकट पर जीते। 2004 में रमाकांत बीएसपी में गए और फिर जीत दर्ज की। 2009 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने रमाकांत पर दांव चला और फिर उनकी जीत हुई। हालांकि 2014 में भी वह बीजेपी के उम्मीदवार थे और उनके साथ मोदी लहर भी थी लेकिन एसपी संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने उन पर जीत दर्ज कर एक बार समाजवादियों के इस गढ़ को अपने पाले में ले जाने में सफल रहे।